Department of Sanskrit
इलाहाबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय प्रयागराज के संघटक महाविद्यालय इलाहाबाद डिग्री कॉलेज का संस्कृत विभाग अपनी स्थापना वर्ष 1956 से सर्वप्रथम जीरोरोड की छात्रा शाखा में प्रारम्भ हुआ।तत्कालीन संस्कृत के प्रथम प्राध्यापक स्व.प्रो.कमलेश दत्त त्रिपाठी जी बहुत ही प्रतिष्ठित और लोकप्रिय दो तीन सत्रों में ही अध्यापन करके बी.एच.यू के संस्कृत विभाग में नियुक्त हो गये। उसके बाद सत्र 1969-70 में कीडगंज परिसर में भी छात्रों के लिये कक्षाएँ संचालित होने लगीं। उस समय परम श्रद्धेय डॉ.विद्याधर धर्माधिकारी जी संस्कृत के प्राध्यापक नियुक्त हुए। उसके बाद परम विद्वान् डॉ.चन्द्र भानु त्रिपाठी जी संस्कृत विभाग में सेवानिवृत्त होने तक प्राध्यापक रहे।छात्रों की निरन्तर बढ़ती हुई संख्या के अनुरूप अन्य प्राध्यापकों की भी नियुक्ति हुई । डॉ.करुणा अग्रवाल, डॉ.देव कुमारी शर्मा,डॉ.दीपा अग्रवाल और डॉ.राम मुनि पाण्डेय जी सहित संस्कृत में कुल छ: पदों पर प्राध्यापक अध्यापन करते रहे। तदनन्तर जैसे-जैसे जो वरिष्ठजन सेवा निवृत्त हुए उनकी जगह पर नई नियुक्तियाँ होने लगी। डॉ.चन्द्र भानु त्रिपाठी जी के सेवा निवृत्त होने पर उ.प्र.उच्चतर शिक्षासेवा आयोग से चयनित होकर डॉ.राजेन्द्र कुमार त्रिपाठी ( रसराज) की नियुक्ति हुई। डॉ.विद्याधर धर्माधिकारी जी के सेवा निवृत्त होने पर प्रो. मीरा सिंह आयोग से चयनित होकर यहाँ नियुक्त हुईं। डॉ.देव कुमारी शर्मा जी असमय में ही दिवंगत हुई तदनन्तर उनकी जगह पर प्रो.अर्चना सिंह की नियुक्ति हुई।
वर्तमान समय में संस्कृत विभाग में तीन प्रोफेसर्स कार्यरत हैं- प्रो.राजेन्द्र कुमार त्रिपाठी ( रसराज), प्रो.मीरा सिंह और प्रो.अर्चना सिंह । छ: पदों में से तीन पदों पर और भी नियुक्तियाँ अभी प्रतीक्षित हैं। संस्कृत में शोधकार्य भी किया जा रहा है। अभी लगभग 6 शोधच्छात्र पंजीकृत हो चुके हैं। पहले से ही सुप्रतिष्ठित यहाँ का संस्कृत विभाग सुयोग्य और विद्वान् प्राध्यापकों से सदैव लोकप्रिय और सम्मानित रहा है। यहाँ से पढ़े हुए विद्यार्थी और प्रतिभाएँ शिक्षा ,प्रशासन,सामाजिक और राजनीति जैसी विविध सेवाओं में अपने योगदानों से प्रतिष्ठित और प्रेरणीय व्यक्तित्व के रूप में यथावसर स्मरण की जाती रही हैं। संस्कृत विभाग में यथावसर प्रत्येक सत्र में संस्कृत दिवस समारोह, सांस्कृतिक कार्यक्रम, संस्कृत संगोष्ठी, प्रतियोगिताएँ व संस्कृत संभाषण जैसी शिक्षणेतर गतिविधियाँ आयोजित करके नवोदित प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का प्रयत्न किया जाता है। कमजोर बच्चों के लिये रेमेडिअल कक्षाएँ चलाकर उनकी जिज्ञासाओं की सम्पूर्ति करके उनके छूटे हुए पाठ्यक्रमों की क्षतिपूर्ति की जाती है।
Faculty Profile

Prof. Archana Singh
Designation: Professor
Department: Sanskrit
Qualification: Ph.D (Sanskrit)
Email: drarchana.pinky@gmail.com
Research/Teaching Interest: Ph.D. Thesis Title – Critical Evaluation of Ram and Riti Ysht in Zend- Avesta from University Of Allahabad.

Prof. Meera singh
Designation: Professor
Department: Sanskrit
Qualification: Doctrate
Email: meerasingh2090@gmail.com
Research/Teaching Interest: Sanskrit Literature

Prof. (Dr.) Rajendra Kumar Tripathi
Designation: Professor
Department: Sanskrit
Qualification: BA, MA, D Phil
Email:rashrajkaushambi@gmail.com
Research/Teaching Interest: Sanskrit Literature
